Nightfall Remedy: स्वप्नदोष, जिसे अंग्रेज़ी में “Nightfall” या “Nocturnal Emission” कहा जाता है, एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है जिसमें नींद के दौरान वीर्य का स्खलन हो जाता है। यह मुख्य रूप से युवाओं और किशोरों में अधिक देखा जाता है, खासकर उन लोगों में जो यौवनावस्था में होते हैं। यह एक स्वाभाविक जैविक प्रक्रिया है और आमतौर पर किसी गंभीर समस्या का संकेत नहीं होती।
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स्वप्नदोष के कारण(Nightfall Remedy)
स्वप्नदोष कई कारणों से हो सकता है, जिनमें से कुछ प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
1. हॉर्मोनल परिवर्तनः किशोरावस्था और युवावस्था में टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे वीर्य स्खलन की संभावना अधिक होती है।
2. अत्यधिक सेक्स के बारे में सोचनाः यदि कोई व्यक्ति अधिक अश्लील सामग्री देखता है या उत्तेजक विचारों में लिप्त रहता है, तो यह स्वप्न दोष की संभावना बढ़ा सकता है।
3. असंयमित दिनचर्या और खान-पानः अधिक तला-भुना, मसालेदार भोजन और असंतुलित दिनचर्या भी स्वप्न दोष को बढ़ावा दे सकती है।
4. ब्लैडर पर दबावः अगर रात को पेशाब भरा हो और समय पर न किया जाए, तो इससे भी स्वप्न दोष हो सकता है।
5. तनाव और मानसिक अशांतिः मानसिक तनाव, चिंता या अत्यधिक सोचने की प्रवृत्ति भी इसका कारण बन सकती है।
स्वप्न दोष क्या नुकसानदेह है?
स्वप्न दोष को लेकर बहुत सी भ्रांतियां फैली हुई हैं। सामान्यतः यह कोई हानिकारक स्थिति नहीं होती, लेकिन अगर यह अत्यधिक बार-बार हो रहा है, तो यह शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर कुछ प्रभाव डाल सकता है, जैसे:
1. शारीरिक कमजोरी – बार-बार वीर्य स्खलन होने से शरीर में थकावट और ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है।
2. मानसिक तनावः कुछ लोग इसे गलत समझते हैं और चिंता में आ जाते हैं, जिससे मानसिक तनाव बढ़ सकता है।
3. एकाग्रता की कमी – अगर अधिक बार स्वप्न दोष हो रहा है, तो इससे पढ़ाई या काम में ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई हो सकती है।
4. कमजोरी और आलस्य – लगातार वीर्य स्खलन से कुछ लोगों को शारीरिक कमजोरी या आलस्य महसूस हो सकता है, हालांकि यह पूरी तरह मानसिक धारणा पर निर्भर करता है।
5. नींद में बाधाः बार-बार नींद में वीर्य स्खलन होने से व्यक्ति की नींद प्रभावित हो सकती है, जिससे दिनभर सुस्ती रह सकती है।
स्वप्न दोष से छुटकारा कैसे पाएं?
1. योग और व्यायाम करें
नियमित रूप से प्राणायाम, मेडिटेशन, और योगासन करने से मानसिक और शारीरिक नियंत्रण बेहतर होता है। सूर्य नमस्कार और मंडूकासन जैसे योगासन लाभदायक हो सकते हैं।
2. आहार सुधारें
ताजे फल, हरी सब्जियां, सूखे मेवे और प्रोटीनयुक्त आहार का सेवन करें। तली-भुनी और मसालेदार चीज़ों से बचें। दूध, घी, शहद, और अश्वगंधा का सेवन फायदेमंद होता है। अधिक पानी पिएं ताकि शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकलें।
3. सोने की आदतों में सुधार करें
सोने से पहले मोबाइल और लैपटॉप का उपयोग कम करें। सोने से पहले हल्का व्यायाम या किताब पढ़ना लाभदायक हो सकता है। साइड में सोने की आदत डालें, पीठ के बल सोने से स्वप्न दोष की संभावना अधिक होती है। सोने से पहले हल्के कपड़े पहनें और बिस्तर को आरामदाय बनाएं।
4. पाजिटिव रहेंः
स्वप्न दोष को लेकर डर या अपराधबोध महसूस न करें, यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। अत्यधिक सेक्स के विचारों से बचने की कोशिश करें और ध्यान को किसी रचनात्मक कार्य में लगाएं। आत्म-संयम और ध्यान अभ्यास से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
5. हर्बल और आयुर्वेदिक इलाज
अश्वगंधा, शतावरी, सफेद मूसली और कौंच के बीज जैसे आयुर्वेदिक उपाय फायदेमंद हो सकते हैं। त्रिफला चूर्ण का सेवन भी पाचन और मानसिक शांति के लिए लाभदायक होता है।
6. पेशाब को रोककर न रखें
सोने से पहले पेशाब कर लें। ज्यादा देर तक पेशाब रोकने से भी स्वप्न दोष की संभावना बढ़ सकती है।
7. डॉक्टर से सलाह लें
अगर स्वप्न दोष अत्यधिक हो रहा है और ऊपर बताए गए उपायों से लाभ नहीं मिल रहा, तो किसी अच्छे डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ से परामर्श लेना उचित होगा। स्वप्न दोष एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है, जिससे डरने या शर्मिंदा होने की कोई आवश्यकता नहीं है। यदि यह अत्यधिक बार-बार हो रहा है, तो जीवनशैली में सुधार, सही खान-पान, योग और मानसिक संतुलन से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। किसी भी तरह की चिंता से बचना चाहिए और अगर जरूरत पड़े तो विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
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