Risks of unprotected sex

Risks of unprotected sex:  असुरक्षित यौन संबंध कई प्रकार की यौन संचारित बीमारियों (Sexually Transmitted Diseases – STDs) और संक्रमणों (Sexually Transmitted Infections – STIs) का कारण बन सकते हैं। ये रोग बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी या फंगल संक्रमण के कारण हो सकते हैं। (Risks of unprotected sex) इनका असर हल्के लक्षणों से लेकर गंभीर जटिलताओं तक हो सकता है, जिनमें बांझपन, कैंसर और जानलेवा बीमारियां भी शामिल हैं।

प्रमुख बीमारियां

1. बैक्टीरियल इंफेक्शनः

(i) गोनोरिया

यह Neisseria gonorrhoeae बैक्टीरिया के कारण होता है। पुरुषों में पेशाब के दौरान जलन और असामान्य डिस्चार्ज होता है। महिलाओं में योनि स्राव, पेट में दर्द और अनियमित मासिक धर्म हो सकता है। इलाज न होने पर यह प्रजनन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है।

(ii) सिफलिस

यह Treponema pallidum बैक्टीरिया के कारण होता है। पहले चरण में गुप्तांगों, मुंह या मलाशय के आसपास दर्द रहित घाव होते हैं। दूसरे चरण में बुखार, शरीर पर चकत्ते और अंगों में सूजन हो सकती है। अंतिम चरण में यह हृदय, मस्तिष्क और नसों को नुकसान पहुंचा सकता है।

(iii) क्लैमाइडिया

यह Chlamydia trachomatis बैक्टीरिया के कारण होता है। महिलाओं में यह योनि से असामान्य स्राव और पेट दर्द का कारण बनता है। पुरुषों में पेशाब में जलन और अंडकोष में सूजन हो सकती है। गर्भवती महिलाओं में यह नवजात शिशु को संक्रमित कर सकता है।

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2. वायरल इंफेक्शन

(i) एचआईवी/एड्स (HIV/AIDS)

यह Human Immunodeficiency Virus (HIV) के कारण होता है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है, जिससे अन्य संक्रमणों का खतरा बढ़ जाता है। प्रारंभिक लक्षणों में बुखार, थकान और गले में खराश शामिल हैं। एड्स (AIDS) अंतिम चरण होता है, जिसमें शरीर किसी भी संक्रमण से लड़ने में असमर्थ हो जाता है।

(ii) हर्पीस

यह Herpes Simplex Virus के कारण होता है। HSV-1 मुख्य रूप से मुंह पर और HSV-2 गुप्तांगों पर घाव पैदा करता है। संक्रमित व्यक्ति को जलन, खुजली और दर्दनाक फफोले हो सकते हैं। यह जीवनभर शरीर में बना रह सकता है और तनाव या कमजोरी के दौरान सक्रिय हो सकता है।

(iii) हेपेटाइटिस बी और सी

ये वायरस यौन संपर्क के माध्यम से भी फैल सकते हैं। यह लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है और लीवर Grand का कारण बन सकता है। लक्षणों में कमजोरी, पेट में दर्द, आंखों और त्वचा का पीला पड़ना (पीलिया) शामिल है।

(iv) मानव पेपिलोमा वायरस

यह वायरस गुप्तांगों और गले के कैंसर का कारण बन सकता है। यह जननांग मस्से (Genital Warts) पैदा कर सकता है। HPV के कई प्रकार होते हैं, जिनमें से कुछ अत्यधिक खतरनाक होते हैं।

3. परजीवी इंफेक्शन

(i) ट्राइकोमोनिएसिस

यह Trichomonas vaginalis परजीवी के कारण होता है। महिलाओं में योनि में जलन, बदबूदार डिस्चार्ज और खुजली हो सकती है। पुरुषों में आमतौर पर कोई लक्षण नहीं होते, लेकिन वे संक्रमण फैला सकते हैं।

4. फंगल इंफेक्शन

(i) कैंडिडिआसिस

यह Candida नामक फंगस के कारण होता है। महिलाओं में यह योनि में खुजली, लालिमा और सफेद गाढ़ा डिस्चार्ज पैदा कर सकता है। पुरुषों में कम लक्षण होते हैं, लेकिन संक्रमण हो सकता है।

असुरक्षित यौन संबंधों से बचाव

1. सुरक्षित यौन संबंध बनाएंः हमेशा कॉन्डोम का सही तरीके से उपयोग करें।

2. नियमित परीक्षण करवाएंः यदि आप यौन रूप से सक्रिय हैं, तो समय-समय पर STDs का परीक्षण करवाएं।

3. एक ही साथी के प्रति वफादार रहेंः बार-बार साथी बदलने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

4. टीकाकरणः HPV और हेपेटाइटिस बी के लिए टीका उपलब्ध है, जो इन संक्रमणों से बचा सकता है।

5. व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखेंः यौन अंगों की सफाई पर ध्यान दें और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें।

6. संक्रमित व्यक्ति से संबंध बनाने से बचेंः यदि किसी साथी को पहले से STD है, तो सावधानी बरतें।

असुरक्षित यौन संबंध न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य बल्कि समाज के लिए भी गंभीर समस्या बन सकते हैं। STDs और STIs से बचाव के लिए जागरूकता, सुरक्षित यौन व्यवहार और समय पर चिकित्सा परामर्श आवश्यक है। सही जानकारी और सावधानी बरतकर इन बीमारियों से बचा जा सकता है और एक स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।

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